📰 पूरी खबर:
शाजापुर जिले के बेरछा पुलिस ने अड़ीबाजी और एससी/एसटी एक्ट के मामले में पिछले 03 महीनों से लगातार फरार चल रहे एक इनामी और आदतन अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। 24 जून 2026 को ग्राम कुलमनखेड़ी निवासी फरियादी ओमप्रकाश पंवार ने थाना बेरछा में शिकायत दर्ज कराई थी कि शाम लगभग 6:00 बजे आरोपी रविन्द्र गुर्जर अपने अन्य साथी शैलेन्द्र गुर्जर, अनिल अस्तेय, ओमप्रकाश, सचिन और धरम उर्फ धर्मेन्द्र गुर्जर के साथ उसकी दुकान पर पहुँचा और शराब पीने के लिए पैसों की अड़ीबाजी की। फरियादी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने जातिसूचक व अश्लील गालियाँ देते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस रिपोर्ट पर थाना बेरछा में अपराध क्रमांक 132/2026, धारा 119(1), 115(2), 296, 351(3), 125, 3(5) बीएनएस एवं एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण के अन्य आरोपी शैलेन्द्र गुर्जर, अनिल अस्तेय, ओमप्रकाश, सचिन और धरम उर्फ धर्मेन्द्र गुर्जर को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी रविन्द्र पिता निर्भयसिंह गुर्जर निवासी ग्राम भीलसामी घटना दिनांक से ही फरार चल रहा था।
आरोपी एक आदतन अपराधी है जो पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक शाजापुर द्वारा ईनाम की उद्घोषणा भी की गई थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शाजापुर श्रीमती प्रियंका शुक्ला के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र तारणेकर एवं एसडीओपी डॉ. नागेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी बेरछा उप निरीक्षक अरविन्दसिंह तोमर द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम द्वारा मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर 23 अक्टूबर 2026 को आरोपी रविन्द्र गुर्जर को भीलसामी के जंगल में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया, जिसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इस संपूर्ण कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी उप निरीक्षक अरविन्दसिंह तोमर, उप निरीक्षक सूरजभानसिंह ढिल्लन, सहायक उप निरीक्षक रघुनाथसिंह राठौड़, प्रधान आरक्षक रामपालसिंह राठौड़, प्रधान आरक्षक इन्द्रजीत चौहान, प्रधान आरक्षक पिंकु यादव, आरक्षक कुमेरसिंह यादव, आरक्षक रूपसिंह यादव, आरक्षक दीपक साहू, आरक्षक राम भाटी, आरक्षक अरुण सितपरा तथा साइबर सेल शाजापुर के आरक्षक घनश्याम राजपूत एवं आरक्षक राजेश दांगी की सराहनीय भूमिका रही।