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डूंगला (चित्तौड़गढ़), 26 अक्टूबर 2026। नई अफीम नीति 2026-27 को किसान विरोधी बताते हुए आज डूंगला तहसील के सैकड़ों काश्तकारों ने राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के बैनर तले डूंगला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान भाई भारी संख्या में रैली के रूप में गगनभेदी नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां माननीय उपखंड अधिकारी (SDM) ईश्वर लाल जी खटीक के माध्यम से देश की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं क्षेत्रीय सांसद सी.पी. जोशी के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने अफीम नीति की विसंगतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी ने क्षेत्र के किसानों से समान आरी के पट्टे जारी करने और 10 आरी की बुआई की बड़ी घोषणाएं की थीं। परंतु, हकीकत में सरकार ने अफीम नीति के भीतर मॉर्फिन की अनिवार्य औसत को 4.2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 4.4 किलोग्राम कर दिया है। सरकार के इस तानाशाही कदम के कारण क्षेत्र के हजारों चालू पट्टे (गोंद/चीरा पद्धति) सीधे सी.पी.एस. (CPS) पद्धति में धकेल दिए गए हैं।
दुर्गेश जोशी ने आगे बताया कि जिन काश्तकारों ने पूर्व में सीपीएस पद्धति के तहत सरकार को बेहद शानदार औसत और उपज दी थी, उन्हें वापस पारंपरिक गोंद (चीरा) पद्धति के पट्टे जारी नहीं किए गए। सरकार ने सीपीएस से वापस गोंद (चीरा) पद्धति में आने का रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिससे अफीम उत्पादक किसानों में भयंकर आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह अफीम नीति पूरी तरह से किसान विरोधी है और इसमें तुरंत सुधार किया जाना बेहद जरूरी है। मांगें पूरी न होने की स्थिति में संघ ने क्षेत्र में बड़े जमीनी आंदोलन का आह्वान किया है।
इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान डूंगला क्षेत्र के तहसील अध्यक्ष भगवती लाल व्यास, कोषाध्यक्ष पूनम चंद जी, चुन्नी लाल जी, राजू जी तेली, मांगी लाल जी शर्मा सहित क्षेत्र के सैकड़ों जागरूक अफीम काश्तकार और मातृशक्ति उपस्थित रहे।