📰 पूरी खबर:
भारतीय सेना की मिलिट्री इंजीनियरिंग कोर से सेवानिवृत्त होने के बाद श्री शांतिलाल जी मालवीय ने मध्यप्रदेश वित्त विकास निगम, इंदौर में बतौर वाहन चालक सेवाएं दी और वहां से भी अपनी सफलतम सेवाएं पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने इंदौर जैसे महानगर को त्याग कर अपने पैतृक छोटे से गांव बैगदा, जिला धार में ही अपने परिवारजनों के साथ निवास करना प्रारंभ किया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी श्री शांतिलाल जी मालवीय ने अनुशासित फौजी की तरह अपना जीवन जिया और अपने आदर्शों पर हमेशा अडिग रहे।
उन्होंने शासकीय सेवा पूरी निष्ठा, समर्पण एवं सेवा भाव के साथ पूरी की। साथ ही उन्होंने अपने पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी बखूबी निभाया।
उन्होंने अपनी एकमात्र सुपुत्री को अच्छे संस्कार दिए, पढ़ाया-लिखाया और चिकित्सा की शिक्षा दिलवाई, उन्हें डॉक्टर बनने के काबिल बनाया और एक अच्छे चिकित्सक के साथ सुपुत्री का विवाह करवाया। माता-पिता के ही संस्कार ही है कि उनकी बेटी आज चिकित्सक होने के साथ-साथ अपने पति के साथ पारिवारिक दायित्व के साथ ही चिकित्सा दायित्व का भी निर्वहन कर रही है।
स्वर्गीय श्री शांतिलाल जी मालवीय ने अपने दोनों बेटों को भी अच्छे संस्कार दिए और उन्हें पढ़ा-लिखाकर अपने पैरों पर खड़ा किया। आज उनके दोनों बेटे अपने पैरों पर खड़े हैं, आत्मनिर्भर हैं।
मैं उम्र में उनसे काफी छोटा हूं, परंतु उन्होंने मुझे कभी भी अपना छोटा भाई नहीं समझा, मुझे अपना दोस्त ही माना। मैं अपनी हर छोटी-बड़ी बात, दुख-सुख उनके साथ साझा कर लेता था।
पर आज वह हमारे बीच नहीं हैं, हमें आकस्मिक रूप से छोड़कर चले गए हैं। ऐसे में उनके निधन की खबर सुनकर मन विचलित हो गया है। वह प्रतिदिन व्हाट्सएप पर मुझे धार्मिक भजन वीडियो फोटो आदि शेयर करते रहते थे। यह उनका आध्यात्मिक एवं धर्म के प्रति आस्था को दर्शाता है।
आदरणीय भाई साहब स्वर्गीय श्री शांतिलाल जी मालवीय को शत-शत नमन, विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवारजनों को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्री शांतिलाल जी मालवीय के जीवन के बारे में बस इतना ही कहूंगा वे आजीवन अनुशासित सिपाही रहे, सैनिकों की भांति जीवन को जिया और कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
मुझे याद नहीं की जीवन में कभी उन्हें कोई गुस्सा आया हो ऐसे सहज सरल विनम्र मिलनसार शख्सियत को शत-शत नमन भावभीनी श्रद्धांजलि